🟢 शब्द-रचना —
🔵 1. उपसर्ग
परिभाषा
जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।
उदाहरण
अ + सत्य = असत्य
यहाँ अ उपसर्ग है।
सु + गंध = सुगंध
यहाँ सु उपसर्ग है।
प्र + हार = प्रहार
यहाँ प्र उपसर्ग है।
याद रखें:
उपसर्ग = शब्द के पहले
उपसर्ग सामान्यतः स्वतंत्र शब्द नहीं होते; वे मूल शब्द के साथ जुड़कर नया शब्द बनाते हैं।
🔵 2. उपसर्ग के प्रकार
हिंदी व्याकरण में उपसर्गों को मुख्यतः तीन वर्गों में समझा जाता है:
- संस्कृत उपसर्ग
- हिंदी उपसर्ग
- विदेशी उपसर्ग
🔵 3. संस्कृत उपसर्ग
संस्कृत से हिंदी में आए उपसर्गों को संस्कृत उपसर्ग कहते हैं।
पारंपरिक रूप से संस्कृत में 22 उपसर्ग माने जाते हैं।
22 संस्कृत उपसर्ग
| उपसर्ग | उदाहरण |
|---|---|
| प्र | प्रगति, प्रचार |
| परा | पराजय, पराभव |
| अप | अपमान, अपकार |
| सम् | सम्मान, संयोग |
| अनु | अनुकरण, अनुगमन |
| अव | अवगुण, अवतार |
| निस्/निर् | निःशब्द, निर्माण |
| निर्/निः | निर्भय, निःस्वार्थ |
| दुस्/दुर् | दुर्गुण, दुराचार |
| दुस्/दुः | दुःख, दुस्साहस |
| वि | विरोध, विकास |
| आ | आगमन, आकर्षण |
| नि | निवास, निपात |
| अधि | अधिकार, अधिवेशन |
| अपि | अपिधान आदि |
| अति | अत्याचार, अतिशय |
| सु | सुगंध, सुकर्म |
| उत्/उद् | उत्थान, उद्घाटन |
| अभि | अभिमान, अभिनंदन |
| प्रति | प्रतिदिन, प्रतिकार |
| परि | परिक्रमा, परिधान |
| उप | उपकार, उपदेश |
महत्वपूर्ण:
उपसर्ग जुड़ने पर कई बार वर्ण या ध्वनि में परिवर्तन भी हो सकता है।
जैसे:
सम् + कर = संकर
🔵 4. हिंदी उपसर्ग
जो उपसर्ग हिंदी में प्रचलित देशी शब्दों या हिंदी के विकास के साथ बने/प्रचलित हुए हैं, उन्हें सामान्यतः हिंदी उपसर्ग कहा जाता है।
उदाहरण
| उपसर्ग | उदाहरण |
|---|---|
| अ | अछूता, अनजान |
| अन | अनपढ़, अनदेखा |
| भर | भरपेट, भरपूर |
| बिन | बिनकाम, बिनब्याहा |
| सह | सहपाठी, सहकर्मी |
| कु | कुचाल, कुपात्र |
अलग-अलग हिंदी व्याकरण पुस्तकों में हिंदी उपसर्गों की सूची और वर्गीकरण में कुछ अंतर मिल सकता है।
🔵 5. विदेशी उपसर्ग
जो उपसर्ग अरबी, फ़ारसी, अंग्रेज़ी आदि विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं, उन्हें विदेशी उपसर्ग कहते हैं।
प्रमुख उदाहरण
| उपसर्ग | भाषा/स्रोत | उदाहरण |
|---|---|---|
| बे | फ़ारसी | बेकार, बेईमान |
| बद | फ़ारसी | बदनाम, बदसूरत |
| ला | अरबी/फ़ारसी | लापरवाह |
| गैर | अरबी | गैरहाज़िर, गैरकानूनी |
| हम | फ़ारसी | हमसफ़र, हमराज |
| कम | फ़ारसी | कमजोर, कमज़ोर |
| ना | फ़ारसी | नापसंद, नालायक |
उदाहरण समझें:
बे + ईमान = बेईमान
बद + नाम = बदनाम
गैर + कानूनी = गैरकानूनी
🟠 6. प्रत्यय
परिभाषा
जो शब्दांश किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण
सुंदर + ता = सुंदरता
यहाँ ता प्रत्यय है।
मित्र + ता = मित्रता
बाल + पन = बालपन
लिख + अक = लेखक
याद रखें:
उपसर्ग → पहले
प्रत्यय → बाद में
🟠 7. कृत् प्रत्यय
जो प्रत्यय धातु या क्रिया-मूल के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उन्हें कृत् प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण
लिख + अक = लेखक
लिख = धातु
अक = कृत् प्रत्यय
पढ़ + आई = पढ़ाई
लड़ + आकू = लड़ाकू
पूज + अनीय = पूजनीय
कुछ प्रमुख कृत् प्रत्यय
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| अक | लेखक, पाठक |
| अन | लेखन, पठन |
| आ | पढ़ा, लिखा |
| आई | पढ़ाई, लिखाई |
| आवट | सजावट, बनावट |
| आकू | लड़ाकू |
| तव्य | कर्तव्य |
| अनीय | करणीय, पूजनीय |
| इत | लिखित, रचित |
| य | गेय, पेय |
पहचान:
धातु + प्रत्यय = नया शब्द
🟠 8. तद्धित प्रत्यय
जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि शब्दों के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।
उदाहरण
सुंदर + ता = सुंदरता
अपना + पन = अपनापन
बाल + पन = बालपन
मानव + ता = मानवता
मित्र + ता = मित्रता
प्रमुख तद्धित प्रत्यय
| प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|
| ता | सुंदरता, मानवता |
| पन | बचपन, अपनापन |
| ई | गरीबी, अमीरी |
| आई | अच्छाई, बुराई |
| त्व | मनुष्यत्व |
| वाला | दूधवाला, सब्जीवाला |
| कार | कलाकार, पत्रकार |
| दार | दुकानदार, जिम्मेदार |
| इक | सामाजिक, आर्थिक |
| मय | आनंदमय, जलमय |
सरल अंतर
कृत् प्रत्यय → धातु/क्रिया से
तद्धित प्रत्यय → संज्ञा/विशेषण आदि से
🟣 9. उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर
| उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|
| मूल शब्द के पहले लगता है | मूल शब्द के बाद लगता है |
| शब्द के अर्थ में परिवर्तन करता है | नया शब्द/रूप बनाता है |
| उदाहरण: अ + सत्य | उदाहरण: सुंदर + ता |
| अ = उपसर्ग | ता = प्रत्यय |
उदाहरण
अ + योग्य = अयोग्य
यहाँ अ = उपसर्ग
योग्य + ता = योग्यता
यहाँ ता = प्रत्यय
⭐ ट्रिक
पहले = उपसर्ग
पीछे = प्रत्यय
🟢 10. तत्सम शब्द
जो शब्द संस्कृत भाषा से बिना या बहुत कम परिवर्तन के हिंदी में आए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
तत्सम = तत् + सम = उसके समान
उदाहरण
| तत्सम |
|---|
| अग्नि |
| सूर्य |
| चंद्र |
| मुख |
| दंत |
| नासिका |
| रात्रि |
| क्षेत्र |
| कर्म |
| पुष्प |
| दुग्ध |
| हस्त |
उदाहरण वाक्य:
सूर्य पूर्व दिशा में उदय होता है।
🟢 11. तद्भव शब्द
जो शब्द संस्कृत से हिंदी में आते हुए समय के साथ अपना रूप बदल चुके हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं।
तद्भव = तत् + भव = उससे उत्पन्न
महत्वपूर्ण उदाहरण
| तत्सम | तद्भव |
|---|---|
| अग्नि | आग |
| दुग्ध | दूध |
| दंत | दाँत |
| हस्त | हाथ |
| मुख | मुँह |
| नासिका | नाक |
| रात्रि | रात |
| कर्ण | कान |
| जिह्वा | जीभ |
| अक्षि | आँख |
| ग्राम | गाँव |
| क्षेत्र | खेत |
| पुष्प | फूल |
| सर्प | साँप |
| सूर्य | सूरज |
याद रखें:
तत्सम = संस्कृत के निकट रूप
तद्भव = बदला हुआ हिंदी रूप
🟡 12. देशज शब्द
जो शब्द देश की स्थानीय/बोलचाल की भाषाओं या लोक-प्रयोगों से हिंदी में आए हैं और जिनका स्रोत संस्कृत या विदेशी भाषा से स्पष्ट रूप से नहीं माना जाता, उन्हें देशज शब्द कहते हैं।
उदाहरण
- खटखट
- झटपट
- टनटन
- ढपली
- पगड़ी
- लाठी
- खटिया
- झोला
ध्यान दें:
देशज शब्दों की सूची और उनकी व्युत्पत्ति के बारे में अलग-अलग व्याकरण पुस्तकों में कुछ मतभेद मिल सकते हैं।
🟡 13. विदेशज शब्द
जो शब्द विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं, उन्हें विदेशज शब्द कहते हैं।
हिंदी में अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी, पुर्तगाली आदि भाषाओं से अनेक शब्द आए हैं।
उदाहरण
| भाषा | शब्द |
|---|---|
| फ़ारसी | दरवाज़ा, बाज़ार, किताब |
| अरबी | अदालत, इंसान, हिसाब |
| तुर्की | कुर्ता, तोप |
| अंग्रेज़ी | स्कूल, रेल, डॉक्टर |
| पुर्तगाली | अलमारी, पादरी |
उदाहरण:
स्कूल एक विदेशी/अंग्रेज़ी मूल का शब्द है।
🔴 14. संकर शब्द
जब दो अलग-अलग भाषाओं के शब्दों या शब्दांशों के मेल से नया शब्द बनता है, तो उसे संकर शब्द कहते हैं।
उदाहरण
टिकट + घर = टिकटघर
टिकट → अंग्रेज़ी मूल
घर → हिंदी
इसलिए यह संकर शब्द है।
अन्य उदाहरण
रेल + गाड़ी = रेलगाड़ी
रेल → अंग्रेज़ी
गाड़ी → हिंदी
डाक + खाना = डाकखाना
डाक → भारतीय/देशी प्रयोग
खाना → फ़ारसी
बिजली + घर = बिजलीघर
बिजली → देशी/भारतीय
घर → हिंदी
⭐ शब्द-रचना का पूरा सार
शब्द-रचना │ ┌────────────┴────────────┐ ↓ ↓ उपसर्ग प्रत्यय (पहले लगता है) (बाद में लगता है) │ │ ┌─────┼─────┐ ┌─────┴─────┐ ↓ ↓ ↓ ↓ ↓ संस्कृत हिंदी विदेशी कृत् तद्धित
🎯 शब्दों के प्रकार — एक नज़र में
| प्रकार | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्सम | संस्कृत जैसा रूप | अग्नि |
| तद्भव | संस्कृत से बदला रूप | आग |
| देशज | देशी/लोक स्रोत | खटखट |
| विदेशज | विदेशी भाषा से आया | स्कूल |
| संकर | अलग भाषाओं का मेल | रेलगाड़ी |
📝 परीक्षा अभ्यास — भाग 1
बताइए: उपसर्ग कौन-सा है?
- असत्य
- सुगंध
- प्रहार
- बेकार
- बदनाम
उत्तर
- असत्य → अ
- सुगंध → सु
- प्रहार → प्र
- बेकार → बे
- बदनाम → बद
📝 परीक्षा अभ्यास — भाग 2
बताइए: प्रत्यय कौन-सा है?
- सुंदरता
- बचपन
- लेखक
- पढ़ाई
- मानवता
उत्तर
- सुंदर + ता = सुंदरता
- बच + पन = बचपन
- लिख + अक = लेखक
- पढ़ + आई = पढ़ाई
- मानव + ता = मानवता
📝 परीक्षा अभ्यास — भाग 3
तत्सम → तद्भव
- अग्नि → आग
- दुग्ध → दूध
- दंत → दाँत
- हस्त → हाथ
- नासिका → नाक
- रात्रि → रात
- कर्ण → कान
- मुख → मुँह
- ग्राम → गाँव
- पुष्प → फूल
🧠 सबसे आसान Revision Trick
उपसर्ग → शब्द के उप/पहले
प्रत्यय → शब्द के अंत/बाद
कृत् → क्रिया/धातु से
तद्धित → संज्ञा/विशेषण आदि से
तत्सम → संस्कृत जैसा
तद्भव → संस्कृत से बदला
देशज → देशी स्रोत
विदेशज → विदेशी स्रोत
संकर → दो अलग भाषाओं का मेल